अधिवक्ताओं द्वारा बनाया जा रहा है केस वापिस लेने का दवाब:पीडिता

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FARIDABAD(ncrcrimenews.com) फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता अनिल तोमर द्वारा अपने दिंवग्त भाई अरूण कुमार तोमर की पत्नी  सुमन के साथ दुष्कर्म मामलें में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद निंरतर धमकी देकर केस वापिसी के दवाब लेकर एक प्रैस वार्ता का आयोजन पीडिता द्वारा 5ई/12 बी.पी में किया गया। जहां आरोप लगाया गया कि पीडित और उनके सहयोगियों को निरंतर फोन पर और प्रत्यक्ष रूप से केस वापिस लेने के लिए धमकाया जा रहा है।  बात ना मानने पर झूठे मुकदमें और जान से मारने की धमकी दी गई है। इतना ही नही पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी संशय की स्थिती पीडिता के मन में बनी हुई है। पीडिता का कहना है कि दवाब के चलते  आरोपी को गिरफ्तार नही किया जा रहा है। जबकि महिला थाना एनआईटी फरीदाबाद में आरोपी के खिलाफ मुकदमा(एफआइआर नम्बर-0080 ) पंजीकृत किया जा चुका है।   पीडिता का कहना था कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सिर्फ खानापूर्ति कर दी है। आरोप था कि उन्हे सम्मुख रूप से आरोपियों के सहयोगी धमका रहे है।  इतना ही नही उनकी मदद करने के लिए  सामने आए सामाजिक संगठन की संचालिका पर भी दवाब बनाया जा रहा है। उन्हे निरंतर 9810413634 और 9810568685 दूरभाष से धमकी दी जा रही है कि वह पीडिता का साथ ना दे। आरोप था कि आरोपी जेठ अधिवक्ता अनिल तोमर ने अभी तक उनके बच्चों को बंदी बना रखा है।  पीडिता के समर्थन सामाजिक संगठन ब्राहण समाज भी उतर आया है।   वार्ता में ब्राहाण समाज के अध्यक्ष सुरेन्द्र बबली विशेष तौर पर मौजूद थे। उनका कहना था कि समाज में महिलाओं कें प्रति बढते अपराध पर सरकार अंकुश लगाए  और पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाही करते हुए आरोपियों को सजा दिलवाए। पीडिता ने बताया कि  वह मकान नम्बर-3756 नियर न्यू लाइट स्कूल जवाहर कालोनी की निवासी हूं। मेरा विवाह हिंदू रिवाज अनुसार 16 वर्ष पूर्व स्वर्गीय अरूण कुमार तोमर संग हुई थी। जिससे मेरे दो बच्चे  क्रमश: यश (14 )वर्ष और काव्याश (5)साल का है। मामला यह है कि मेरे पति अरूण कुमार का निधन  वर्ष 2016 में हो गया था। उसके बाद से ही मेरे जेठ अनिल तोमर जो कि पेशे से अपने आप को वकील बताता है  वो मुझ पर बदनियत रखने लगा । पिछले 2 सालों में काफी बार उसने मेरे साथ दुष्कर्म करने का प्रयाय भी किया जिसके बारे में मैने अपनी जेठानी और अपनी सास का अवगत भी करवाया परन्तु उन दोनो ने जेठ का साथ देते हुए मुझ पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। इतना ही दुष्कर्म करने की बात बताए जाने के बाद से ही जेठ,जेठानी और सास ने मुझ पर अत्याचार शुरू कर दिए गए। मेरे बच्चों को मुझसे मिलने नही दिया जा रहा है तथा इसके अलावा मेरी तनख्वाह भी जबरदस्ती रख ली जाती थी। लोक लाज के डर से अभी तक मै चुप रही पर जब मेरे जेठ अनिल तोमर द्वारा 9 अप्रैल 2019 की सुबह को तकरीबन 2 बजे दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया तो यह बात बर्दाश्त से बाहर हो गई। तुंरत मैने इसका विरोध  किया।  विरोध किए जाने पर  जाने पर जेठ ने मुझे जान से मारने का प्रयास किया पर मैने शोर मचाए जाने की बात कही जाने पर वह वहा से चुपचाप निकल गया। उस दिन के बाद से ही मेरे जेठ अनिल तोमर ने मुझे पहले से अधिक मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताडित करना शुरू कर दिया। बिना बात के मुझसे मारपीट और अपनी शारीरिक संबध बनाए जाने के दवाब दिया जाने लगा। मारपीट में मेरी जेठानी और सास भी शामिल थी। जब मेरे द्वारा जेठ की बात नही मानी गई तो उसने मेरे साथ मारपीट कर घर से 11 मई को निकाल दिया और मेरे दोनो बच्चों को बंदी बनाकर मुझे नही मिलने दिया। मजबूरी में मै अपने मायके चली आई तथा हालफिलहाल वही रह रही हूं।

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