घूम रहे फर्जी प्रेस लिखे वाहन

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  1. कोटद्वार में घूम रहे फर्जी प्रेस लिखे वाहन➤नजीबाबाद कोटद्वार के बीच चल रहे ऐसे वाहन

➤ऐसे अखबारों के लिखे हे नाम जिनका कही रिकॉर्ड ही नहीं

➤प्रसाशन नहीं उठा रहा कोई ठोस कदम

संस्कृति और उत्तराखण्ड

कोटद्वार-आजकल सोशल मीडिया पर फर्जी तरीके से प्रेस लिखी गाड़ियों के बारे में एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमे लिखा है कि हाईकोर्ट द्वारा वाहनों पर फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस लिखकर धौंस जमाने वालों की अब खैर नहीं। हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्देश जारी कर दिए हैं । इसके तहत अब यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से अपने वाहन पर प्रेस या पुलिस लिखवाएगा, तो उसके खिलाफ 420 धारा के तहत कार्रवाई होगी। कोर्ट के निर्णय के बाद फर्जी पत्रकारों में हडकम्प मचा हुआ है। ख़ास तौर पर प्रेस लिखवाने वाले व्यक्ति से पत्रकारिता से सम्बंधित चीज़े भी पूछी जा सकती है व् पैसे देकर प्रेस कार्ड बनाने वाले व्यक्ति को एवं बनवाने वाले व्यक्ति को भारी जुर्माने के साथ साथ 7 वर्ष की कैद भी हो सकती है साथ ही सम्बंधित वाहन सीज़ कर दिया जायेगा। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत किसी को व्यक्ति को कपट पूर्वक या बेईमानी से उत्प्रेरित कर आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, संपत्ति या ख्याति संबंधी क्षति पहुंचाना शामिल है। यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत सात साल तक के कारावास की सजा का प्रावधान है। ये बात बिलकुल सही है की कुछ ऐसे लोग भी गाड़ी में प्रेस लिखाकर घूमते है जिनका पत्रकारिता से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध ही नहीं,इस पर लगाम लगाने के लिए बार बार प्रयास भी किये लेकिन उचित कार्यवाही नहीं हो पाई। कोटद्वार में भी फर्जी तरह से प्रेस लिखे वाहनों की भरमार है इनमे से ज्यादातर जीप नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच चलती है इनमे से ज्यादातर गाड़ियों का परमिट कोटद्वार के लिए नहीं है फिर भी प्रेस लिखाकर ये दिन भर लाल बत्ती चौक पर रास्ट्रीय राजमार्ग पर ही खड़े होकर गाड़िया भरते है जहा 2 इंटर कॉलेज और एक प्राथमिक विद्यालय भी है जिससे कई बार दुर्घटनाये भी हुई है हाल ही में नगर पालिका प्रसाशन ने इस स्थान से हर तरह का अतिक्रमण हटाया लेकिन इसके बावजूद भी फर्जी तरह से प्रेस लिखवाने वाले जीप स्टैंड को नहीं हटाया गया ये सब देखते हुए आस पास के लोगो का कहना है कि इसमें कही न कही कुछ मीडियाकर्मियों की भी मिलीभगत है जिससे ये बेखोफ होकर फर्जी तरह से प्रेस लिखाकर वाहन की ओवर लोडिंग और बिना परमिट के सड़को पर सवारी भरते है। वही दूसरी तरफ झंडाचौक से टेलीफ़ोन एक्सचेंज की तरफ जाते समय स्तिथ एक बेकरी मालिक ने भी फर्जी तरह से अपनी गाड़ी में प्रेस लिखा रक्खा है जिसका इस्तेमाल वो केवल अपनी लैंसडौन स्तिथ बेकरी में सामान ले जाने के लिए करता है इसके साथ ही स्कूटर, मोटरसाईकिल पर प्रेस लिखवाने वालो की भरमार है। पर एक सवाल ये भी है कि आखिर इनके पास जिन समाचार पत्रों के आईडी कार्ड है क्या वो समाचार पत्र छेत्र में आते भी है क्या ये समाचार पत्र सम्बंधित अधिकारी अर्थात जिला सुचना अधिकारी के पास पंजीकृत भी है या नहीं। इसके साथ ही प्रत्येक मीडिया आईडी कार्ड के पीछे साफ़ लिखा होता है कि इस कार्ड का इस्तेमाल केवल मीडिया से सम्बंधित कार्य हेतू ही मान्य होगा इसके बावजूद भी धड़ल्ले से वाहनों पर फर्जी तरह से प्रेस लिखाकर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का मजाक बनाया जा रहा है जिससे अन्य पत्रकारों की भी छवी खराब हो रही है।

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