बार एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान श्री बॉबी रावत व उनकी टीम को अपने पदों पर बने रहने के आदेश दिए हैं।

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फरीदाबाद(AnuragSharma) फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के 5 अप्रैल 2019 को हुए चुनाव उपरांत चल रहे विवाद को विराम मिला है। बार काउंसिल ऑफ हरियाणा एवं पंजाब की चुनाव समिति ने प्रथम दृष्टि में चुनाव परिणामों को वायड-अब-इनिश्यो (शून्य) माना है,और आगामी आदेशों तक बार एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान श्री बॉबी रावत व उनकी टीम को अपने पदों पर बने रहने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है डीबीए फरीदाबाद के चुनाव परिणामों को लेकर खिंचातान का माहौल बना हुआ था। चुनावों में फर्जी मतदान को लेकर चुनावों में उम्मीदवार व एसोसिएशन के पूर्व प्रधान श्री संजीव चौधरी व उनके समर्थकों ने अपना विरोध रिटर्निंग ऑफिसर श्री निर्दोष गुर्जर के समक्ष रखा था जिसके तुरंत बाद श्री गुर्जर द्वारा बार कौंसिल को पत्र लिखकर मतदान में ऋुटियों से संबंधित तथ्यों से आगाह किया था। बार कौंसिल ने श्री गुर्जर द्वारा भेजे गए पत्र को तुरंत संज्ञान में लेते हुए मतदान पर स्टे संबंधी आदेश दिए थे, परंतु चुनावों में मतदान प्रक्रिया रोकने की बात को दूसरे ग्रुप ने मानने से इंकार कर दिया और मतदान जारी रहा। देर सांय इस समूह के समर्थकों ने मतगणना की मांग की औैर परिणाम घोषित किए गए जिसमें श्री सतेंद्र भड़ाना की पूरी टीम के विजेता होने की घोषणा की गई। चुनाव परिणाम आने उपरांत जहां श्री सतेंद्र भड़ाना समर्थकों में उत्साह बना हुआ था वही श्री संजीव चौधरी समर्थक मामले को बार काउंसिल के समक्ष रखने के लिए निर्धारित 7 अप्रैल रविवार को चंडीगढ़ हाजिर हुए। सूत्रों के अनुसार कौसिंल के समक्ष सर्वश्री निर्दोष गुर्जर, श्री संजीव चौधरी, श्री के एस राठौर, श्री संत राम शर्मा की ओर से श्री ओ पी शर्मा, श्री रविन्द्र सिंह की ओर से श्री गणेश चन्द उपस्थित हुए। मुख्य रिटर्निग आफिसर श्री निर्दोष गुर्जर द्वारा बार काउंसिल के समक्ष भी सभी तथ्यों को रखा बताया जाता है, जिसके बाद चुनाव परिणामों को निरस्त करार दिया बताया जाता है। काउंसिल के आदेशों के अनुसार श्री बॉबी रावत फरीदाबाद बार एसोसिएशन के प्रधान बने रहेंगे। इधर चुनाव से संबंधित नए आदेश आने उपरांत जहां श्री संजीव चौधरी समर्थकों में उत्साह बना हुआ है वही इस संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करते श्री संजीव चौधरी ने कहा है कि बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर जो हुआ वह उचित नहीं था। श्री चौधरी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया पर स्टे की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी पक्षों को देने के साथ ही वह व उनकी टीम मतदान केन्द्र से बाहर आ गई। इसके बाबजूद दूसरे गुट ने मतदान को जारी रखा, जोकि विधि सम्मत नहीं था। इधर श्री बॉबी रावत के प्रधान बने रहने के आदेशों से चुनावों को लेकर बन रहा असमंजस का माहौल समाप्त होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। उल्लेखनीय है चुनाव परिणामो के साथ ही अधिवक्ताओं में परस्पर तनाव व खिंचातान का माहौल बना हुआ था। श्री बाबी रावत के प्रधान बने रहने से यह तनाव कम होगा, ऐसी उम्मीद न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ताओं ने व्यक्त की है।

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