भाजपा नेता संतोष यादव पुलिस चौकी तालेबंदी के मामले मे बाइज्जत बरी, विपक्षी पस्त और समर्थक मस्त

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फरीदाबाद  (MAHENDRA PARTAP) प्रवासी नेता और सोशल मीडिया ओबीसी मोर्चा व केंद्रीय प्रबंधन समिति ओबीसी मोर्चा संतोष यादव की चौकी तालेबंदी के मामले मे बाइज्जत बरी होने की ख़ुशी उनके समर्थकों में काफी खासे है. 11अप्रैल को सेक्टर-12 कोर्ट में पूर्वा मेहरा जज की अदालत से युवा नेता संतोष यादव सभी केसों से बाइज्जत बरी होने के बाद से कोर्ट परिसर में ही संतोष यादव की स्वागत में लोगों ने ताँता लगा दिया।

इस मौके पर युवा नेता के मार्गदर्शक एस.के शर्मा ने मिठाई खिलाकर संतोष यादव को बधाई दी और हमेशा सुख दुख मे खड़े रहे। इस केस के वकील रामनिवास शर्मा और वकील कन्हैयालाल वसिष्ठ ने पूरी मेहनत करके सभी को बाइज्जत बरी करवाया। इस केस में संतोष यादव के साथ रसूल खान, रहमानी, इमरान, महेंद्र कोली आदि अन्य मुजरिम थे। जो सभी केस से बरी हुए। इस मौके पर सैकड़ों समर्थक सुबह से शाम तक कोर्ट में मौजूद रहे और शाम को जैसे ही संतोष यादव बरी हुए तो सभी समर्थकों ने फूल मालाओं और मिठाइयों से संतोष यादव का स्वागत किया।

भाजपा नेता और प्रवासियों के मसीहा संतोष यादव ने इस मौके पर कहा कि ये लड़ाई धर्म और अधर्म की थी जिसमे धर्म की जीत हुई, और मैं अपने देश की न्यायपालिका को तहेदिल से नमन करता हूँ जिसने सत्य का साथ दिया। सभी क्षेत्रवासियों का आभार ब्यक्त करता हूँ जो हमेशा मुझ पर आशिर्वाद बनाते रहे और प्रभु से मेरे लिए सभी धर्म के लोगों ने प्रार्थना की, मैं मजबूती से समाज के बीच सेवा मे तत्पर रहूँगा. मैने अपना पूरा जीवन समाज को समर्पित किया है क्योंकि आज जो मैं बरी हुआ हूं ये सब छठ मैया और माता रानी का आशिर्वाद है।
संतोष यादव ने कहा कि एनआईटी-86 विधानसभा की जनता कांग्रेस सरकार के समय का काला इतिहास जब याद करती है तो दिल दहल जाता है. जब गरीबों की जमीन कब्जा की जा रही थी उस समय एनआईटी-86 की जनता अपनी मेहनत की कमाई से लिया गया प्लाट भूमाफियाओं से बचाने के लिए साशन प्रसाशन के दरवाजे के चक्कर काट रहे थे, और जहाँ भी जाते उस समय भूमाफिया वहाँ हाथ मे रिवाल्वर लिए पहले से ही बैठे होते थे और हंसी उड़ाते थे जाओ अपनी जमीन बचा लो. तभी उस दौरान सैकड़ों लोगों ने नवयुवक व समाजसेवी संतोष यादव से मिले। संतोष यादव ने बताया कि गरीबों की जमीन बचाने के लिए जब वह पुलिस अधिकारीयों से मिले तो उन्होंने साफ मना कर दिए और कहे कि जिसे अपनी जमीन बचानी है वो कोर्ट जाए और यही बात उस समय मंत्री परिवार ने भी कहकर टाल दी।
उसी दौरान हजारों जनता को एकजुट करके प्रवासी नेता संतोष यादव ने 13 जुलाई 2014, दिन रविवार को थाने चौकी में तालाबंदी कर दी और अंदर ही पुलिस अधिकारी को बंद कर दिया था. मंत्री के घर समर्थकों के साथ जाकर हंगामा कर दिया और कहा कि आज तुम्हारे थाने चौकी में ताला मार दिया है, ऐसे थाने चौकी की जनता को जरूरत नही जो गरीब जनता को इंसाफ न दिला सके। जब इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारी को मिली तो पूरे फरीदाबाद की पुलिस ने सारन थाने में लाठी डंडे के साथ संतोष यादव की घेरा बंदी कर दी थी। लेकिन पुलिस जनता के जनसैलाब के सामने झुकी और सभी भूमाफियाओं पर तुरंत मुकदमा दर्ज करके जमीन कब्जे से छुड़वाई गई और आला पुलिस अधिकारी को ताले की चाबी युवा नेता संतोष यादव ने सौंपी और सुरक्षित वहां से नारेबाजी करते हुए संतोष यादव जनता के साथ निकल गए, लेकिन राजनीतिक दबाव के बाद युवा नेता पर भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
यादव ने बताया कि पुलिस ने एक महीने बाद उन्हें (संतोष यादव) को गिरफ्तार कर लिया और यही संतोष यादव के राजनीति का टर्निंग पॉइंट था और कुछ ही दिन में जमानत के बाद रिहा होते ही मंत्री को जीता जिताया चुनाव जनता के विरोध की वजह से हारना पड़ा।
युवा नेता संतोष यादव ने बरी होने के बाद छठ मैया का आशिर्वाद लिया और काली मंदिर जाकर माता रानी का आशिर्वाद लिया। प्रधान रक्कू भाई ने फूल माला और चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।

इस मौके पर समाजसेवी जगदीश नेता,आचार्य मनोज पांडेय, मनोज कोली, योगेश कोली,अफजल खान, गुड्डी, सुसीला पांडेय, चंदन कुशवाह, एडवोकेट पंकज पराशर, सुरेश, अशोक, मनोज पराशर, मोहित, राहुल, प्रदीप, हरस्वरूप ठाकुर, जनवेश यादव, रामावतार यादव, भारत मिश्रा, संजय आदि सैकड़ों लोगों ने भाजपा नेता को बधाई दी।

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