मानव रचना शिक्षण संस्थान में आईएएस कोचिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलैंस की जल्द होगी शुरुआत

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 चाणक्य आईएएस अकैडमी के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलैंस स्थापित करने के लिए एमओयू हुआ साइन

  भविष्य में आईएएस कोचिंग को करिकुलम का हिस्सा बनाने पर भी हो रहा विचार

1 अगस्त, 2017(RADHIKA BEHL):  मानव रचना शिक्षण संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में नए अयाम स्थापित करने के लिए एक और मील का पथर स्थापित कर दिया है। मानव रचना शिक्षण संस्थान (एमआरईआई) ने मंगलवार को चाणक्य आईएएस अकैडमी के साथ आईएएस कोचिंग के लिए सेंटर फॉर एक्सीलैंस कैंपस में स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किया। इतिहास के पन्नों में जुड़े इस अध्याय के साथ फरीदाबाद के स्टूडेंट्स को शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधाओं के साथ उज्जवल भविष्य की राह प्राप्त हुई है। अब स्टूडेंट्स अपने शहर में ही रहकर देश के इस सबसे बड़े पेपर के लिए तैयारी कर पाएंगे।मंगलवार को मानव रचना कैंपस में एमओयू साइन करने के लिए औपचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मानव रचना शिक्षण संस्थान के प्रेसिडेंट डॉ. प्रशांत भल्ला व सफलता गुरु के नाम से जाने जाने वाले चाणक्य आईएएस अकैडमी के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर श्री ए.के. मिश्रा  ने एमओयू साइन किया। इस मौके पर मानव रचना शिक्षण संस्थान के ट्रस्टी डॉ. एम.एम.कथूरिया, मानव रचना इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एन.सी.वाधवा, एमआरईआई के एमडी व मानव रचना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. संजय श्रीवास्तव मौजूद व संस्थान के सभी डीन डायरेक्टर मौजूद रहे।  इस खास सेंटर की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए डॉ. प्रशांत भल्ला ने बताया कि आज हमने जो कागज साइन किया है वह केवल कागज नहीं बल्कि इतिहास का स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया अध्याय होगा। मानव रचना की स्थापना क्वालिटी एजुकेशन के उद्देश्य के साथ की गई थी और इसी सोच के साथ आज इस नई पहल की ओर कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि यह एक अनूठा प्रयोग है जो कि राष्ट्रीय निर्माण में अहम भूमिका निभाया। उन्होंने यह भी बताया कि सेंटर का उद्देश्य केवल कोचिंग देना नहीं है, बल्कि मानव रचना के करिकुलम में इस कोचिंग को शामिल करना हमारा उद्देश्य है ताकि स्टूडेंट्स शुरुआती दौर से ही इस एग्जाम के लिए तैयार हो सके।इस मौके पर उन्होंने बताया कि मानव रचना की स्टूडेंट्स रही अभिलाषा शर्मा साल 2016 में यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 69वीं रैंक व नितिका पवार साल 2011 के सिविल सर्विसिज में 18वीं रैंक प्राप्त कर संस्थान के गौरांवित कर चुकी हैं।वहीं इस मौके पर सफलता गुरु श्री ए.के.मिश्रा ने कहा कि चाणक्य आईएएस अकैडमी हर साल 30 से 40 प्रतिशत रिजल्ट देती है अपनी इसी उपलब्धि के साथ अकैडमी इसका विस्तार करना चाहती है ताकि प्रतिभाओं को इसका फायदा मिल सके और छिपी प्रतिभाएं बाहर निकल सके। उन्होंने बताया कि मानव रचना हमेशा लीक से हटकर कुछ नया करने की चाह रखती हैं और जिस तरह की प्रतिक्रिया इस सेंटर को मिली है, उससे साफ पता चलता है कि यह सेंटर पूरे देश के लिए मिसाल बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के स्किल इंडिया के सपने के बारे में बताते हुए कहा कि जैसे लोगों को कौशल बनाने का सपना प्रधानमंत्री जी का है, उसी तरह शिक्षित युवाओं को कौशलता से बेहतर एंटप्रय्नोर बनाना बहुत जरूरी है ताकि वह नौकरी के पीछे भागने की ब्जाय लोगों को नौकरी देने के काबिल बने

एमओयू साइन के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम से पहले स्टूडेंट्स के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें स्टूडेंट्स को आईएएस क्रैक करने की टिप्स दी गई। इस मौके पर अकैडमी से बने आईएएस अभिलाषा शर्मा (पूर्व मानव रचना स्टूडेंट) व सुमन सौरभ मोहंती भी पहुंचे और उन्होंने स्टूडेंट्स को सफलता के टिप्स दिए। स्टूडेंट्स इस संबोधन के बाद अपने भविष्य की लिए नई राहें तलाश करने को लेकर काफी उत्साहित दिखे।

 

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