मुनिराज जी ने कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्तों के भाव से विभोर श्रीकृष्ण अपने भक्तों के वश में रहते थे : संत मुनिराज 

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FARIDABAD(NCRCRIMENEWS,COM) RADHIKA BEHL: एनएच पांच स्थित राधा सर्वेश्वर मंदिर के संस्थापक संत मुनिराज जी महाराज के नेतृत्व में रविवार को सामुदायिक भवन बौद्ध विहार पार्क, मुल्ला होटल के नजदीक एनएच तीन, संजय कालोनी एनआईंटी फरीदाबाद में सुबह आठ बजे कलश यात्रा के बाद श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा के दौरान सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दी। इस दौरान करीब तीन सौ से अधिक महिलाऐं कलश यात्रा में शामिल हुई। इस मौके पर मनोहर लाल सचदेवा, गुडगांव से त्रिखा जी मु यातिथि के रूप मौजूद थे।श्रीमद भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य संत मुनिराज जी ने कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्तों के भाव से विभोर श्रीकृष्ण अपने भक्तों के वश में रहते हैं। भक्तों के मान और स मान के लिए भगवान श्रीकृष्ण सभी मान मर्यादाओं को त्याग कर भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर दिखते हैं। ऐसा हमारे धार्मिक ग्रंथों में उल्लेखित है। रविवार को भागवत महात् य, मंगलाचरण के अलावा शुक्रदेव जी का प्राकट्य महोत्सव व परीक्षित जन्म की कथा का वर्णन किया। पूर्व कथा व्यास ने संगीतमय भजनों से श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्तिमय कर दिया। इस मौके पर संत मुनिराज जी महाराज ने कहा है कि अच्छे समाज की स्थापना और सुख शांति के लिए सत्संग का आयोजन बेहद जरूरी है। सत्संग सुनने से व्यक्ति के मन से न केवल सभी तरह के विकार दूर होते है बल्कि इससे ह्दय भी निर्मल हो जाता है। सत्संग से ही व्यक्ति कर्मशील और धर्मशील बनता है। कर्मशील और धर्मशील व्यक्ति ही स्वस्थ्य समाज का निर्माण कर सकता है। कार्यक्रम 26 मार्च तक चलेगा। गत 25 मार्च को कथा स्थल पर कथा के साथ साथ भव्य फूलो की होली का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध साधू संतों और विद्वानों को आमंत्रित किया गया है। जो अपने विचार प्रकट करने के साथ श्रद्धालुओं को अपना आर्शीवाद भी देंगे।

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